“हम साहित्य को लाभ का साधन नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना की साधना मानते हैं”

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आइए, आप भी ‘गुफ़्तगू’ से जुड़िए…

‘गुफ़्तगू’ केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की सतत साधना का एक सशक्त साहित्यिक मंच है। यह हिंदी त्रैमासिक पत्रिका, प्रकाशन समूह एवं पंजीकृत साहित्यिक संस्था भी है। गुफ़्तगू के सदस्यों ने कभी इसे व्यवसाय नहीं माना बल्कि अपने व्यक्तिगत संसाधनों और सहयोग से इस साहित्यिक यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि बीते 23 वर्षों से ‘गुफ़्तगू’ पत्रिका का प्रकाशन निरंतर जारी है।आरंभ से ही देश के अनेक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित रचनाकार—बशीर बद्र, निदा फ़ाज़ली, राहत इंदौरी, शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी, गोपाल दास नीरज, रवींद्र कालिया, ममता कालिया, मैत्रेयी पुष्पा, वसीम बरेलवी, मुनव्वर राना, सोम ठाकुर, कैलाश गौतम, यश मालवीय सहित अनेक साहित्यकार—‘गुफ़्तगू’ से जुड़े रहे हैं और अपनी रचनाओं और अपने मार्गदर्शन से इसे समृद्ध करते रहे हैं।

इन विख्यात रचनाकारों के साथ-साथ हम नवोदित लेखकों और कवियों को भी प्राथमिकता के साथ मंच प्रदान करते रहे हैं। ‘गुफ़्तगू’ समय-समय पर साहित्यिक आयोजन करता है तथा साल में एक बार भव्य सम्मान समारोह भी आयोजित करता है। जिसके मुख्य अतिथि देश विदेश के विख्यात लोग होते हैं, इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष ‘सुभद्रा कुमारी चौहान अवार्ड’, ‘कैलाश गौतम अवार्ड’, ‘कुलदीप नैयर अवार्ड’, ‘सीमा अपराजिता अवार्ड’, ‘डॉ. सुधाकर पांडेय अवार्ड’, ‘मिल्खा सिंह अवार्ड’ तथा अधिवक्ताओं के लिए ‘उमेश नारायण शर्मा अवार्ड’ चयनित व्यक्तित्वों को प्रदान किए जाते हैं। इन सम्मानों हेतु नवंबर माह से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।

हम सभी सदस्य हृदय से यह कामना करते हैं कि यदि आपकी भी अभिरुचि साहित्य में है, शब्दों से आपका भी कोई आत्मीय रिश्ता है, तो आप भी हमारे साथ इस साहित्यिक यात्रा में सहभागी बनें। ‘गुफ़्तगू’ केवल एक मंच नहीं, बल्कि विचारों, संवेदनाओं और रचनात्मक संवाद का साझा परिवार है—और इस परिवार में आपका स्वागत है। ‘गुफ़्तगू’ से जुड़ने के लिए सर्वप्रथम इसकी सदस्यता ग्रहण करें। और यदि आपको लेखन में रुचि है, यदि आपके भीतर कहने के लिए कुछ है—कविता, कहानी, लेख या विचार—तो अपनी रचनाएँ प्रकाशन हेतु अवश्य भेजें। यहाँ नए स्वर, नई दृष्टि और सच्ची अभिव्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ सुना और सहेजा जाता है। 

साहित्य-प्रेमियों के लिए ‘गुफ़्तगू’ की ओर से विशेष सदस्यता प्रस्ताव उपलब्ध है

‘गुफ़्तगू’ पत्रिका की सदस्यता, ₹800 में जिसमें ‘गुफ़्तगू पब्लिकेशन’ की ₹1200 मूल्य की पुस्तकें तथा ढाई वर्ष की सदस्यता शामिल है
आजीवन सदस्यता मात्र ₹2500 में—जिसमें ‘गुफ़्तगू पब्लिकेशन’ की सभी पुस्तकें तथा ‘गुफ़्तगू’ के उपलब्ध सभी पुराने अंक प्रदान किए जाते हैं

संरक्षक सदस्यता भी सीमित समय के लिए अभी उपलब्ध है । इसके अंतर्गत — संरक्षकों का संपूर्ण परिचय एक विशेष अंक में प्रकाशित किया जाता है और प्रत्येक अंक में उनका नाम प्रकाशित रहता है। निधन के पश्चात भी उन्हें संस्थापक संरक्षक के रूप में सम्मानपूर्वक प्रकाशित किया जाता है।

सदस्यता हेतु सर्वप्रथम लिखित आवेदन अपने जीवन परिचय के साथ हमें निम्न पते पर भेजें, समिति के द्वारा संस्तुति के उपरांत आपको सूचित किया जाएगा । निर्धारित शुल्क (ईमेल अथवा पत्र द्वारा सूचित किया जाएगा ) ‘गुफ़्तगू’ के खाते में जमा करें अथवा ‘गुफ़्तगू’ के नाम से चेक भेजें।
भुगतान के पश्चात मोबाइल नंबर 8840096695 पर सूचना देते हुए अपना डाक पता एसएमएस द्वारा अवश्य भेजें।

संपादक — गुफ़्तगू, 123ए-1, हरवारा, धूमनगंज, प्रयागराज – 211015

एकाउंट नंबर: 538701010200050, एकाउंट नाम: गुफ़्तगू, बैंक: यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, प्रीतमनगर, प्रयागराज, IFSC कोड: UBIN0553875